जोशीमठ भू धसाव मामले में 760 मकान अब भी खतरे की जद में Uttarakhand24×7livenews
जोशीमठ भू धसाव मामले में उत्तराखंड के आपदा सचिव डॉ रंजीत सिन्हा ने प्रेस ब्रीफिंग करते हुए बताया कि जोशीमठ मामले को लेकर दोनों होटलों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया की 760 मकान अब भी खतरे की जद में है इसके अलावा 4 वार्ड संवेदनशील भी चिन्हित किए गए हैं । उन्होंने बताया कि जोशीमठ में जो क्षेत्र सबसे ज्यादा खतरे में है और जहां सबसे ज्यादा दरार आ रही थी वहां पहले से थोड़ी राहत है , उस क्षेत्र में पानी का रिसाव भी कम हुआ है ।जोशीमठ में 169 परिवारों को अभी तक विस्थापित किया जा चुका है इन परिवारों में 589 लोग शामिल है इसके अलावा उन्होंने बताया कि जोशीमठ सेफ जोन में 344 कक्ष भी बनाए गए हैं , इसके अलावा पीपलकोटी में 491 कक्ष बनाए गए हैं । उन्होंने कहा कि प्रति परिवार आपदा प्रबंधन नियमानुसार अंतरिम राहत राशि भी दी जा रही है । इसके अलावा भू धंसाव की रोकथाम के लिए भी एजेंसीया काम कर रही है , जिसमें वाडिया इंस्टीट्यूट एवं जियोफिजिकल इन्वेस्टिगेशन को विशेष तौर पर जिम्मेदारी दी गई है इसके साथ ही पूरे क्षेत्र का एक जियोलॉजिकल मैप भी तैयार किया जाएगा और सीबीआरआई एजेंसी भी इसके लिए असेसमेंट कर रही है इसके अलावा पीडब्ल्यूडी के 30 इंजीनियर भी इस जोशीमठ आपदा में लगाए गए हैं।
