जिलाधिकारी की पहल से भिक्षावृत्ति व बालश्रम में संलिप्त 174 से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया। Uttarakhand 24×7 Live news
देहरादून में जिलाधिकारी सविन बंसल के संवेदनशील एवं दूरदर्शी नेतृत्व में सड़क पर भटक रहे, भिक्षावृत्ति और बालश्रम में संलिप्त बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर इन बच्चों के जीवन में नई आशा बनकर उभरा है।
अब तक 174 से अधिक बच्चों को रेस्क्यू कर काउंसलिंग, ब्रिज कोर्स, नियमित शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इसके बाद उन्हें औपचारिक विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा रहा है।
इसी पहल का उदाहरण है हरीश, जो पहले स्कूल से दूर था। मई 2025 में आईसीसी से जुड़ने के बाद अगस्त 2025 में उसे कक्षा 6 में प्रवेश दिलाया गया। आज वह नियमित रूप से विद्यालय जाता है और खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेता है।
सेंटर में शिक्षा के साथ-साथ योग, संगीत, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों से बच्चों का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। हाल ही में बच्चों ने होली का पर्व उत्साह के साथ मनाया, जो उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है।
जिलाधिकारी का कहना है कि हर बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और शिक्षित जीवन का अधिकार है। प्रशासन का लक्ष्य केवल रेस्क्यू नहीं, बल्कि बच्चों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी नागरिक बनाना है।
