वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे पर खाद्य संरक्षा,औषधि प्रशासन की ओर से खाद्य कारोबारियों, मीडिया और विषय विशेषज्ञों के साथ खाद्य सुरक्षा संवाद कार्यक्रम आयोजित। Uttarakhand 24×7 Live news
वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे अवसर पर आज
खाद्य संरक्षा,औषधि प्रशासन की ओर से खाद्य कारोबारियों, मीडिया और विषय विशेषज्ञों के साथ खाद्य सुरक्षा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। देहरादून सुभाष रोड स्थित होटल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ एफडीए के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान अपर आयुक्त ने कहा कि संतुलित और सुरक्षित आहार ही स्वस्थ रहने का आधार है। जिसके लिए विभाग पूरे प्रयास कर रहा है। चारधाम यात्रा मार्गों और पर्यटन केन्द्रों पर विशेष अभियान चलाकर मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर नकेल कसी जा रही है।
वहीं एम्स ऋषिकेश के कम्युनिटी मेडिसीन विभाग से डॉ संतोष ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हम फूड पेंडेमिक के दौर में जाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम खाने को दवा की तरह लेना पसंद करेंगे तो हो सकता है कि आने वाले दिनों में दवा लेने की जरूरत न पड़े। उन्होंने कहा कि जब भी हम खानपान की बात करते हैं तो यह हमारी जिम्मेदारी और यह हमें तय करना है कि हमारे शरीर के लिए क्या सही है। उन्होंने कहा कि हम लोग भोजन के बजाए स्वाद को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं और यही स्वाद हम सबको बर्बाद कर रहा है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए जिम नहीं, अच्छी किचन जरूरी है। उचित खानपान के बिना, जिम भी कुछ नही कर सकता। उन्होंने कहा कि नशे की लत की भांति जंक फूड का भी एडिक्शन लोगों में होता जा रहा है, जिसे अभी सब नदरअंदाज कर रहे हैं। इस फूड एडिक्शन के कारण ही आज तमाम लोग हृदयाघात, हाइपरटेंशन, ओबेसिटी जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि खाने से पहले जरूर सोचें, नहीं तो अनएक्सपेक्टेड के लिए तैयार रहिए।
