बढती पापुलेशन पर ये क्या बोलगाए आप भी जानिए संत। Uttarakhand 24×7 Live news
देश में हो रहे जनसंख्या विस्फोट के बीच साधू संतों ने बड़ा बयान दे डाला है। हरिद्वार में आयोजित एक संत सम्मेलन में संतों ने हिंदुओं से अपील की है कि सनातन संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए अब ‘ हम दो हमारे दो ‘ के सिद्धांत को छोड़कर ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए। इस संत सम्मेलन में योग गुरु बाबा रामदेव और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष समेत देश के दिग्गज संत मौजूद रहे, तेजी से बढ़ रही जनसंख्या के बीच एक और देश भर में संसाधनों की कमी हो रही है। सरकार जहां जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कानून की तैयारी कर रही है वहीं संत समाज की राय इससे अलग है। दरअसल जनसंख्या विस्फोट के बीच हुआ यह है कि हिंदुओं की संख्या में तेजी से कमी आई है। 20 साल पहले ‘ हम दो हमारे दो ‘ की बात कही जाती थी पर अब तमाम हिंदू परिवार महज एक बच्चे के सिद्धांत पर चल रहे हैं। जिससे हिंदुओं की संख्या बड़ी तेजी से कम हुई है। जिसके चलते संतों की संख्या भी तेजी से घटी है। इस जनसंख्या असंतुलन के चलते देश के संतों ने हरिद्वार में आयोजित संत सम्मेलन में ही हिंदुओं से ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने का संदेश दिया दरअसल संतों को चिंता इस बात की है कि हिंदुओं के परिवार तेजी से सिमट रहे है। 2 बच्चों के परिवार से यह उम्मीद लगाई नहीं जा सकती कि इन बच्चों में कोई संत बनेगा या कोई सेना में जायेगा। इसी के चलते संतों ने सनातन और राष्ट्र की रक्षा के लिए ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील की है। संतों का कहना है कि मुस्लिमो में ज्यादा बच्चे पैदा करने का ट्रेंड है ऐसे में हिंदुओं को भी दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने होंगे। भूपतवाला में एक आश्रम के उद्दघाटन मौके पर आयोजित संत सम्मेलन में योग गुरु बाबा रामदेव, अखाड़ा परिषद और देश के कई दिग्गज संत इस मंच पर उपस्थित रहे, दरअसल जनसंख्या विस्फोट के बीच हिंदुओं की संख्या तेजी से कम हो रही है। इस जनसंख्या के असंतुलन को रोकने के लिए अब संत समाज आगे आया है। संतों का साफ संदेश है कि अगर केवल ‘ हम दो हमारे दो ‘ या ‘ शेर का बच्चा .. एक ही अच्छा ‘ जैसे सिद्धांत पर हिंदू चले तो आने वाला समय में ना तो देश के लिए और ना ही हिंदू संस्कृति के लिए अच्छा होगा।
