मुख्यमंत्री ने किसानों के इस काम को सराहना। Uttarakhand 24×7 Live news
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वाडिया इंस्टीट्यूट में इंडो–डच होर्टिकल्चर और कोकोकोला इंडिया द्वारा आयोजित सेलिब्रेशन इयर्स ऑफ़ एक्सिलेंस ‘संकल्प से परिवर्तन की ओर’ कार्यक्रम में शिरकत की। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र भगत सिंह कोश्यारी समेत इंडो– डच और कोकोकोला जैसी नामचीन कंपनियों के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि कार्यक्रम में चंपावत, काशीपुर जैसी जगहों से आए सेब की खेती करने वाले किसान भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरान कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि पूरे देश में फल और सब्जियां उत्तराखंड से जाएं। इतना ही नहीं सेब की खेती को बढ़ावा देने के लिए पूरे उत्तराखंड में 18000 पॉली हाउस बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है। बता दें कि बीते कुछ वक्त में राज्य सरकार के प्रयास से सेब के 1000 बगीचों को भी तैयार किया जा चुका है जिसके लिए बाकायदा 40000 किसानों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड में सेब की खेती और किसानों को इससे होने वाले फायदों के बारे में भी बताया गया। गौरतलब है कि सेब की खेती करने वाले किसानों की आय में इस बार डेढ़ गुना का इज़ाफा हुआ है। उत्तराखंड में अब सेब की खेती बढ़कर 65 हज़ार टन पहुंच गई है। हालांकि ये आंकड़ा जम्मू कश्मीर और हिमाचल से काफी कम है। कश्मीर में 65 लाख टन सेब की सालाना फसल होती है।
