राज्य आंदोलनकारियों का 10 फीसदी आरक्षण। Uttarakhand 24×7 live news

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राज्य आंदोलनकारियों के सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से सुर्खियों में है। राज्य आंदोलनकारियों को उम्मीद थी कि उनके क्षैतिज आरक्षण का प्रस्ताव इस बार कैबिनेट में पास हो जाएगा। लेकिन इस प्रस्ताव के कैबिनेट की बैठक में न लाए जाने पर उनमें काफी मायूसी देखने को मिल रही है। हालांकि पूर्व में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह प्रस्ताव आया था, जिस पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति बनाई गई थी। अब उपसमिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। लेकिन रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल की दो बैठकें निपट जाने के बाद भी अब तक प्रस्ताव चर्चा के लिए नहीं लाया गया है। इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश के सभी मंत्रियों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई है। सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगली बैठक में प्रस्ताव लाया जाए। राज्य आंदोलनकारी लंबे समय से आरक्षण पर सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र युवराज ने कहा कि अब अगली बैठक में इस प्रस्ताव को लाया जाएगा और उसने राज्य कर्मचारियों की लिस्ट लंबित मांग पर सहमति बनेगी।

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