राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड बाघों के संरक्षण में पहुंचा इस पायदान पर जानिए। Uttarakhand 24×7 Live news

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बाघों के संरक्षण में उत्तराखंड देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। साल 2008 में प्रदेश में बाघों की संख्या 179 थी, जो साल 2018 में 442 पहुंच गई। राष्ट्रीय स्तर पर 2018 में की गई बाघों की गणना के मुताबिक मध्य प्रदेश (526) और कर्नाटक (524) के बाद उत्तराखंड तीसरे स्थान पर है। 2022 में बाघों की जो गणना की गई उसके राज्यवार आंकड़े अभी जारी नहीं किए गए। लेकिन वन विभाग के अधिकारी इस बात को लेकर खुश हैं कि उत्तराखंड में बाघों का आंकड़ा बढ़ रहा है। कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व के साथ ही तराई एवं भाबर क्षेत्र के 12 वन प्रभागों में बाघों का निरंतर बढ़ता कुनबा इसकी तस्दीक कर रहा है। वहीं कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में लगातार बाघों की मौत पर सवालिया निशान लग रहे हैं। पिछले 5 महीने में कार्बेट में 5 बाघों की मौत हुई है। वहीं पिछले दिनों एक बाघिन शिकारियों के लगाए फंदे में फंसने से गंभीर रूप से घायल हो गई है। एक बाघिन के घायल होने से वन्यजीव प्रेमियों और अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। लकी वन विभाग के अधिकारी खुद को पूरी तरह से चौकन्ना बता रहे हैं।

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