समान नागरिक संहिता कानून को लेकर कमेटी ने किया जनसंवाद कार्यक्रम। Uttarakhand 24×7 Live news
समान नागरिक संहिता को उत्तराखंड में लागू करने की बात बीते काफी वक्त से चल रही जिसके लिए धामी सरकार और यूसीसी कमेटी भी युद्ध स्तर पर काम कर रही है। बता दें कि बीते करीब एक साल में कमेटी ने काफी हद तक काम निपटा लिया है हालांकि यूसीसी कमेटी की अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई के मुताबिक़ यूसीसी के ड्राफ्ट में अभी काफी काम बचा है जिसको जून आखिर तक निपटाने के प्रयास में कमेटी लगी हुई है। यूसीसी कमेटी की अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई ने बताया कि यूसीसी को लेकर अभी तक सबसे ज़्यादा सुझाव ‘लिव इन रिलेशनशिप्स’ और औरतों के अधिकारों से जुड़े आए हैं जिन पर समिति का ध्यान भी केंद्रित है,बता दें कि यूनिफॉर्म सिविल कोड के बारे में आम लोगों को जागरूक करने और इनकी राय जानने के लिए यूसीसी की विशेषज्ञ समिति ने देहरादून स्थित IRDT सभागार में जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें अलग अलग धर्मों से जुड़े बुद्धिजीवियों ने शिरकत कर चर्चा करते हुए समान नागरिक संहिता पर समिति के सामने अपनी राय रखी है। गौरतलब है कि समान नागरिक संहिता को लेकर आम लोगों की मिली जुली राय सुनने और देखने को मिली है कुछ ने कहा ये कानून उत्तराखंड में लागू होना चाहिए तो कुछ ने कहा कि अगर ‘पर्सनल लॉज़’ पर इस क़ानून का कोई फर्क नहीं पड़ता तो हम यूनिफार्म सिविल कोड का स्वागत करते हैं। यूनिफार्म सिविल कोड पर चर्चा करने आईं उत्तराखंड की पहली ट्रांसजेंडर अदिति शर्मा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड का स्वागत किया है साथ ही कहा है कि उनको भी स्त्रीयों–पुरुषों की तरह मुख्यधारा में शामिल किया जाए। यूनिफार्म सिविल कोड पर आम लोगों की क्या–क्या राय रही हैं सुनिए ज़रा,समान नागरिक संहिता लागू होते ही उत्तराखंड राज्य गोवा के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का दूसरा ऐसा राज्य बन जायेगा।
