मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधक केंद्र के कार्यक्रम मॉक ड्रिल में किया प्रतिभाग। Uttarakhand 24×7 Live news
चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव की तैयारियों को परखने के लिए उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ सहित 7 ज़िलों में मॉक ड्रिल किया गया। जिसको प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ी गंभीरता से लेते हुए मॉक ड्रिल के ज़रिए तमाम संबंधित विभागों की तैयारियों का जायज़ा भी लिया। चारधाम यात्रा कि तैयारियां अंतिम चरण में है 22 अप्रैल को गगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का भी आगाज हो जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चारधाम यात्रा की तैयारियों पर पैनी नजर बनाये हुए हैं। राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण और राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के सहयोग से पूरे राज्य में मॉक ड्रिल कि गई। वहीं तैयारियों का जायजा लेने के लिए सीएम धामी राज्य आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा को लेकर की गई मॉक ड्रिल के बारे में मीडिया से बातचीत में क्या कुछ कहा है वो भी आपको सुना देते हैं। आपको बता दें कि ये मॉक ड्रिल प्रदेश के 7 जिलों में संचालित की जा रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि अगर यात्रा के दौरान कोई आपातकाल स्थिति आती है तो प्रशासन द्वारा इस पर किस तरह से क़ाबू पाया जाएगा। आखिर ये मॉक ड्रिल क्यों की जा रही है और इसकी ज़रूरत क्या है ऐसे तमाम सवालों के जवाब में आईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान गढ़वाल मंडल के 7 जिलों की घटनायें दिखाई गयी, जहां पर लोगों को तत्काल रेस्क्यू किया गया है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ और प्रशासनिक अधिकारी इंसिडेंट कमांडर की तरह घटनास्थल पर मौजूद रहे इस मॉक ड्रिल को इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम के तहत किया गया है जो आपदा के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने मे एक्टिव हैं। इस मॉक ड्रिल में 16 घटनाएं क्रिएट की गई हैं, जिनमें भूकंप,भूस्खलन, बाढ़, बस एक्सीडेंट जैसी घटनाओं को क्रिएट किया गया है। बता दें कि चार धाम और मानसून की तैयारी से पहले हर यूनिट अपने-अपने इक्विपमेंट चेक करती है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। इस दौरान मॉक ड्रिल में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, और एसएसबी से जुड़े तमाम आला अफसरान भी मौजूद रहे।
