वसुंधरा ताल में पूर्व चेतावनी प्रणाली का पहला चरण सफल। Uttarakhand 24×7 Live news

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देहरादून। चमोली जिले के वसुंधरा ताल में ग्लेशियल झील से संभावित बाढ़ यानी ग्लोफ के खतरे को देखते हुए पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित करने का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। अभियान पूरा कर लौटी वैज्ञानिक टीम का यूएसडीएमए में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने स्वागत किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई। झील में जलस्तर, मौसम, बर्फ की स्थिति और भू-गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अत्याधुनिक सेंसर लगाए गए हैं।
सेंसर से मिलने वाला डेटा सामान्य परिस्थितियों में हर दो घंटे में सीबीआरआई रुड़की और यूएसडीएमए के डैशबोर्ड पर पहुंचेगा। आपात स्थिति में तत्काल डेटा भेजने की व्यवस्था भी की गई है। दुर्गम क्षेत्र में संचार के लिए इरिडियम उपग्रह तकनीक और बिजली आपूर्ति के लिए सौर ऊर्जा व बैटरी का इस्तेमाल किया गया है।
इस अभियान में सीबीआरआई रुड़की, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आईटीबीपी ने सहयोग किया। इस प्रणाली से हिमालयी क्षेत्रों में संभावित आपदाओं की समय रहते पहचान करने और आपदा जोखिम कम करने में मदद मिलेगी।

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