नामांतरण मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर, प्रदेश में जल्द शुरू होगा ‘नामांतरण दिवस। Uttarakhand 24×7 Live news
आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद उत्तराखण्ड रंजना राजगुरु ने गुरुवार को प्रदेश में भूमि के नामांतरण (दाखिल-खारिज/म्यूटेशन) से संबंधित मामलों और अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सभी जनपदों में असिस्टेंट कलेक्टर प्रथम श्रेणी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों द्वारा किए जा रहे राजस्व न्यायिक कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई।
आयुक्त एवं सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नामांतरण से जुड़े मामलों का नियमों के अनुसार गुण-दोष के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और लोगों को समय पर न्याय उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जाए। सभी पीठासीन अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि राजस्व न्यायालयों का कार्य नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से संचालित हो।
उन्होंने राजस्व न्यायालयों से संबंधित अभिलेखों और आवश्यक पंजीकाओं को नियमित रूप से अद्यतन रखने के भी निर्देश दिए। कहा कि न्यायालयों के रिकॉर्ड व्यवस्थित और पूर्ण होने चाहिए, ताकि मामलों की स्थिति स्पष्ट रहे और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
आयुक्त एवं सचिव ने निस्तारित मामलों की पत्रावलियां नियमानुसार समय से रिकॉर्ड रूम में जमा कराने के निर्देश दिए, ताकि अपील की स्थिति में मूल पत्रावलियां संबंधित अपीलीय न्यायालय को समय पर उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने न्यायालयों द्वारा जारी समनों की समयबद्ध तामील सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर जनपद में नामांतरण मामलों से संबंधित समनों की समय पर तामील सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
राजस्व परिषद द्वारा आगामी माह से प्रदेश में ‘नामांतरण दिवस’ आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए प्रदेश की सभी तहसीलों के पीठासीन अधिकारियों को अभी से आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
