पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का मौन व्रत ये है बड़ी वजह। Uttarakhand 24×7 Live news
श्रावण मास के पहले सोमवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मौन व्रत रखकर राज्य के अंदर पंचायतों के चुनाव में सत्ता पर मनमाने तरीके से दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज एक्ट का दुरुपयोग किया जा रहा है। जो संस्था चुनाव करवाने के लिए विधानसभा द्वारा अधिनियमित है वह संस्था, सत्ता के चंगुल में फंस गई है, वह उसके तोते की तरीके से काम कर रही है और उम्मीदवार परेशान हैं।उम्मीदवार पिलर टू पोस्ट दौड़ रहे हैं, कोई हाईकोर्ट में है, कोई कहीं, हर कोई अलग-अलग तरीके से अपनी गुहार लगा रहे हैं। ये राज्य के अंदर ग्रामीण स्तर तक यदि इस तरीके से लोकतंत्र की हत्या होगी तो मां यह राज्य के लिए बहुत घातक है। इसलिए मैंने यह मौन उपवास रखा है और यह आपको समर्पित है, भगवान शिव को समर्पित है। माँ न्याय करें। हालांकि हाईकोर्ट ने अपने स्तर से निर्णय दिया है कि पंचायती राज एक्ट के तहत ही प्रदेश में पंचायत के चुनाव कराए जाएं। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हाई कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया है और कहा है कि चुनाव आयोग को हाई कोर्ट के निर्णय के तहत ही चुनाव कराया जाना चाहिए।
