विश्व मलेरिया दिवस पर जागरूक अभियान। Uttarakhand 24×7 Live news
विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर देहरादून नगर निगम में विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया। जिसमें मुख्य अथिति के रुप में देहरादून के मेयर सुनिल उनियाल गामा ने शिरकत की। यह दिन इस बात के लिए भी पहचाना जाता है कि मलेरिया के नियंत्रण हेतु किस प्रकार के वैश्विक प्रयास किए जा रहे हैं। मच्छरों के कारण फैलने वाली इस बीमारी में हर साल कई लाख लोग जान गवाँ देते हैं। ‘प्रोटोजुअन प्लाज्मोडियम’ नामक कीटाणु मादा एनोफिलीज मच्छर के माध्यम से फैलते है। मलेरिया कभी दुनिया में महमारी के रूप में उभरकर सामने आया। लेकिन जैसे जैसे साइंस ने तरक्की की। मलेरिया उतना भयावह नहीं ले रहा। हालांकि दुनिया के कई देशों में इलाज के अभाव में आज भी लोग मलेरिया की चपेट में आकर दम तोड़ रहे हैं। इस दिन का मकसद लोगों को मलेरिया के लक्षण, बचाव के प्रति अवेयर करना है। मलेरिया के जड़ से खात्मे को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन खासा गंभीर है। इस बार विश्व मलेरिया दिवस को लेकर डब्ल्यूएचओ ने बड़ी बात कही है। डब्ल्यूएचओ ने मलेरिया से प्रभावित सभी देशों से आग्रह किया है कि विश्व मलेरिया दिवस 2023 पर मलेरिया से निपटने के लिए सभी देश एकजुट हो जाएं। मलेरिया को रोकने, जांच करने और इलाज के लिए हाई तकनीक वाले उपकरणों का प्रयोग करें। प्रत्येक व्यक्ति को मलेरिया के खतरे से अवेयर होना है
वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 में विश्व में 6,25,000 लोगों की मलेरिया से मौत हो गई, जबकि वर्ष 2021 में यह आंकड़ा 6,19,000 रहा। इसी तरह साल दर साल मलेरिया से मौत होने के मामलों में अब कमी दर्ज की जा रही है। डब्ल्यूएचओ विश्व मलेरिया रिपोर्ट 2021 के अनुसार, भारत ने मलेरिया के मामलों में 1.7 प्रतिशत और वैश्विक स्तर पर 1.2 प्रतिशत मौतों का योगदान दिया। भारत का लक्ष्य 2030 तक मलेरिया को खत्म करना है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन की भी कोशिश है कि दुनिया में मलेरिया को आने वाले समय में अंत के रूप में देखा जाए। मेयर सुनील उनियाल गामा का कहना है कि डेंगू से बचने के लिए सफाई का विशेष ध्यान रखें।
