बाल संरक्षण द्वारा 1 साल में 110 शिकायतों का किया निस्तारण। Uttarakhand24×7livenews
उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग राज्य के बच्चों के अधिकारों के संरक्षण को लेकर लगातार प्रयासरत है। पिछले एक साल में 100 से अधिक बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के साथ ही उनसे जुड़ी षिकायतों व समस्याओं का समाधान किया गया। साथ ही बाल श्रम कराने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की गई। आज बाल संरक्षण आयोग के प्रयासों से बाल श्रम करने वाले 111 बच्चे अच्छी षिक्षा ग्रहण कर सुरहरे भविष्य के सपने देख रहे हैं। आयोग की अध्यक्षा गीता खन्ना ने आयोग द्वारा उनके नेतृत्व में एक साल में किये गये कार्यों को मीडिया के समक्ष रखा। गीता खन्ना ने कहा उनका प्रयास रहा है कि हर बच्चे के अधिकारों का संरक्षण हो। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा 1 साल में 110 शिकायतों का निस्तारण किया गया। आयोग द्वारा सभी प्राईवेट स्कूलों में निगरानी रखने के उद्देष्य से एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाई जायेगी। हमने बाल विधानसभा का गठन किया है। जिसमें 70 बाल विधायकों को कार्य सौंपा गया है। आयोग द्वारा प्लान इंडिया, षिव नाडर संस्था, बचपन बचाओं आन्दोलन के सहयोग से बच्चों के हितों के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। इसके साथ ही यूनिसेफ से आगे की कार्रवाई के लिए हम प्रयासरत हैं। आयोग की अध्यक्ष गीता खन्ना ने बताया कि आयोग के निर्देष पर जिला टॉस्कर्फोस द्वारा 111 बच्चों का रेस्क्यू कर मुख्यधारा की षिक्षा से जोड़ा गया है। इसके साथ ही बाल श्रम कराने वाले 56 लोगों पर षिकंजा कसते हुए एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही बाल ग्रहों, विधालयों, बाल मित्र, पुलिस थानों के साथ ही कोचिंग संस्थानों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है।
