जोशीमठ को लेकर हुई हाईपावर कमेटी की बैठक। Uttarakhand24×7livenews
जोशीमठ आपदा को लेकर सचिव आपदा प्रबंधन रणजीत सिन्हा सचिवालय में मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने बताया कि पानी का डिसचार्ज कम हुआ।
क्षतिग्रस्त भवनों की संख्या भी स्थिर है। जोशीमठ को लेकर आज हाईपावर कमेटी की बैठक हुई है। जोशीमठ को लेकर जिला अधिकारी के द्वारा भेजी गई रिपार्ट पर चर्चा हुई है। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर भी चर्चा हुई। पुनर्वास की प्रकिया को लेकर बात हुई है। इसके साथ ही जोशीमठ में प्रभावित दुकानदारों को लेकर भी चर्चा हुई है। क्षतिग्रस्त दुकानों का मुआवजा, दुकान के बदले दुकान बनाकर दिए जाने पर भी चर्चा हुई है। जमीन के मुव्वाज़े को लेकर कैबिनेट में निर्णय होगा। व्यवसायिक भवनों के भी बिजली और पानी के बिल माफ होंगे। जिन लोगों का रोजगार हुआ प्रभावित,उन्हें कोविड महामारी के दौरान आर्थिक सहायता की तर्ज पर जोशीमठ में प्रभावित लोगों को मिलेगी आर्थिक सहायता,कैबिनेट में प्रस्ताव आएगा। कर्णप्रयाग में जिन जगहों पर दरार आयी है उसका परीक्षण किया जाएगा। जोशीमठ की पुनर्वास को लेकर हाई पावर कमेटी की बैठक में तीन बिंदुओं पर चर्चा हुई है।
पहले बिंदु पर वन टाइम सेटेलमेंट के तहत,जमीन और मकान के बदले पूरा मुआवजा तय किया जाएगा जो प्रभावित परिवार को दिया जाएगा। दूसरे बिंदु के तहत 100 वर्ग मीटर में सरकार मकान बना कर देगी, बाकी जो प्रभावित परिवार जमीन चाहते हैं उन्हें सरकार जमीन देगी और जो प्रभावित परिवार जमीन के बदले मुआवजा चाहते हैं उन्हें जमीन का मुआवजा मिलेगा। तीसरे बिन्दु के तहत 75 वर्ग मीटर में डुप्लेक्स घर बनाकर मिलेगा और जमीन का मुआवजा मिलेगा। क्षतिग्रस्त भवनों का मुआवजा सीपीडब्ल्यूडी के मानकों के तहत सरकार देगी। 27000 स्क्वायर मीटर के हिसाब से कमर्शियल भवनों का मुआवजा होगा तय, कमर्शियल भवन पर 27000 स्क्वायर मीटर के हिसाब से 5 परसेंट अतिरिक्त वृद्धि के साथ सरकार मुआवजा देगी। आवासीय भवन पर 17640 स्क्वायर मीटर के हिसाब से मिलेगा मुआवजा, 15þ वृद्धि स्क्वायर मीटर के हिसाब से सरकार मुआवजा देगी।
