हाकम गिरोह में शामिल नकल माफिया के गुर्गे को STF ने गोवा से दबोचा, दिख रही है सीएम धामी की धमक। UK
40 दिन 30 गिरफ्तारियां , जी हां उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती घोटाले में एसटीएफ ने जो काम कर दिखाया वो तारीफ के काबिल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ग्रीन सिग्नल के बाद जिस तरीके से एसटीएफ ने कार्रवाई की है वह बताने को काफी है कोई भी दोषी बच नहीं पायेगा। सीएम धामी ने साफ संदेश भी दे डाला है कि नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले बचेंगे नहीं।
उत्तराखंड में अब तक के सबसे बड़े भर्ती घोटाले के तौर पर सामने आ रहे अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती घोटाले में धामी सरकार का चाबुक चल रहा है। पेपर लीक मामले में शामिल पूरे गिरोह का मकड़जाल टूटता जा रहा है। एक के बाद एक जैसे कड़ियां जुड़ती जा रही हैं तो वैसे गिरफ्तारी की संख्या भी बढ़ रही है। इस पूरे मामले में अब तक 30 गिरफ्तारी हो चुकी है , और एसटीएफ की जांच बदस्तूर जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी साफ कह दिया है की जांच जारी रहेगी और कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। जरूरत पड़ी तो सरकार इस घोटाले की हर जांच करवाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उन युवाओं को भी संदेश दिया है जो ईमानदारी और मेहनत के दम पर परीक्षा में पास हुए , लेकिन अब वह अपने भविष्य को लेकर आशंकित नजर आ रहे हैं। सीएम ने साफ तौर पर कह दिया कि ऐसे युवाओं को घबराने की जरूरत नहीं। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता का कहना है कि एसटीएफ ने अभी तक बहुत बेहतर तरीके से जांच की है और सरकार इस घोटाले मामले में जो भी संभव होगा वह कार्रवाई करेगी। जिस जांच की जरूरत पड़ेगी वह जांच भी करवाई जाएगी। उन युवाओं के साथ पूरा न्याय होगा जिन्होंने ईमानदारी के साथ परीक्षा पास की है।
लेकिन इस मामले में विपक्ष पूरी तरीके से भ्रमित नजर आ रहा है और विपक्षी नेताओं के बयान भी विरोधाभासी दिख रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि विपक्ष इस मामले पर भी अंदरूनी राजनीति से ही बाज नहीं आ पा रहा। कल तक तो विपक्ष को सीबीआई पर भरोसा नहीं था , और आज सीबीआई जांच का राग अलापा जा रहा है। कोई कह रहा है कि किसी न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित कमेटी से जांच करवाई जाए तो कोई कह रहा सीबीआई से जांच करवाई जाए।
