अंकिता भंडारी केस में उर्मिला सनावर और सुरेश राठौड़ नार्को टेस्ट को तैयार, बड़े नेताओं के टेस्ट की भी उठी मांग। Uttarakhand 24×7 Live news

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अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में देहरादून की सीबीआई कोर्ट में आज सुनवाई के दौरान अहम घटनाक्रम सामने आया। मामले से जुड़े विवादित बयानों को लेकर चर्चा में आईं अभिनेत्री उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ कोर्ट में पेश हुए। दोनों ने जांच के लिए नार्को टेस्ट कराने पर अपनी सहमति जताई है। वहीं, उर्मिला सनावर ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का भी नार्को टेस्ट कराने की मांग की और मामले में कुछ बड़े नेताओं की कथित भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। दूसरी ओर, सुरेश राठौड़ के वकील अभिलाष शर्मा ने बताया कि नार्को टेस्ट को लेकर सहमति दे दी गई है और न्यायालय की प्रक्रिया के तहत सभी बयान रिकॉर्ड किए जा चुके हैं। अब मामले में सीबीआई की आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।

अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामले में शुक्रवार को देहरादून की सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अभिनेत्री उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ अदालत में पेश हुए। कोर्ट के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए उर्मिला सनावर ने कहा कि वह जांच में सहयोग करने और नार्को टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दुष्यंत गौतम समेत कई बड़े नेताओं का भी नार्को टेस्ट कराने की मांग की। साथ ही, उर्मिला सनावर ने धामी सरकार को गिराने की कथित साजिश और इस मामले में बड़े नेताओं की संलिप्तता को लेकर आरोप लगाए।

वहीं, पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ ने भी जांच एजेंसी के निर्देशों का पालन करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीबीआई की ओर से जो भी निर्देश दिए जाएंगे, वह उनका पालन करेंगे और नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हैं। इस बीच, सुरेश राठौड़ के वकील अभिलाष शर्मा ने बताया कि उनके मुवक्किल ने नार्को टेस्ट के लिए अपनी सहमति दे दी है। उन्होंने कहा कि न्यायालय की प्रक्रिया के तहत सभी बयान रिकॉर्ड हो चुके हैं और वे अदालत की ओर से निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन कर रहे हैं।

फिलहाल, अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े इस मामले में सभी की नजरें सीबीआई की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। हालांकि, नार्को टेस्ट के लिए सहमति देना और उसका वास्तव में कराया जाना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। ऐसे में आगे की जांच और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही मामले में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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