भूकंप से पहले मिलेगा अलर्ट, हर महीने होगी मॉकड्रिल। Uttarakhand 24×7 Live news
उत्तराखंड में भूकंप के खतरे से निपटने के लिए राज्य सरकार अब अर्ली वार्निंग सिस्टम को और मजबूत करने जा रही है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य में भूकंप की पूर्व चेतावनी के लिए 169 सेंसर लगाए गए हैं। इसके साथ ही लोगों तक अलर्ट पहुंचाने के लिए ‘भूदेव’ ऐप की व्यवस्था की गई है।
विनोद कुमार सुमन के मुताबिक भूकंप आने के बाद उसके प्रभाव से पहले लोगों को करीब 10 से 40 सेकेंड तक का समय मिल सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने मोबाइल में भूदेव ऐप जरूर डाउनलोड करें और ऐप को जरूरी परमिशन देने के साथ मोबाइल का डेटा और लोकेशन ऑन रखें। उन्होंने बताया कि चमोली में हाल में आए भूकंप के दौरान भी ऐप के जरिए लोगों को करीब 20 से 25 सेकेंड पहले चेतावनी मिली थी।
आपदा प्रबंधन सचिव ने बताया कि अर्ली वार्निंग सिस्टम को और प्रभावी बनाने के लिए सेंसर और सायरन की संख्या बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही अब हर महीने की 9 तारीख को सुबह 11 बजे भूकंप की मॉकड्रिल की जाएगी। इस दौरान सायरन और भूदेव ऐप के जरिए चेतावनी जारी की जाएगी, ताकि लोगों को पता रहे कि अलर्ट मिलने पर किस तरह सावधानी बरतनी है।
मॉकड्रिल करीब पांच मिनट की होगी और इससे पहले और बाद में लोगों को स्पष्ट जानकारी दी जाएगी कि यह सिर्फ अभ्यास है, ताकि किसी तरह का भ्रम या पैनिक न हो। प्रशासन का मकसद है कि लोग सायरन और मोबाइल अलर्ट की आवाज से परिचित रहें और वास्तविक भूकंप की स्थिति में समय रहते अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा कर सकें।
