उत्तराखण्ड में न्यूनतम वेतन पर श्रम विभाग ने दी सफाई, अफवाहों से बचने की अपील। Uttarakhand 24×7 Live news
उत्तराखण्ड में न्यूनतम वेतन को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच श्रम विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि राज्य सरकार श्रमिक हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। विभाग के अनुसार प्रदेश में लागू न्यूनतम वेतन पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक है और सभी उद्योगों को न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम तथा बोनस जैसे प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने बताया कि इंजीनियरिंग और नॉन-इंजीनियरिंग उद्योगों के लिए अप्रैल 2026 में ही वेतन और वी.डी.ए. संबंधी आदेश जारी किए जा चुके हैं। श्रम विभाग ने साफ किया कि 781 रुपये प्रतिदिन न्यूनतम वेतन लागू किए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। विभाग के मुताबिक यह दर केवल केंद्र सरकार के कुछ उपक्रमों में लागू है और राज्य के उद्योगों पर लागू नहीं होती।
श्रम विभाग ने श्रमिकों से अफवाहों से बचने और औद्योगिक शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही किसी भी शिकायत के लिए सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय या हल्द्वानी स्थित 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम से संपर्क करने को कहा गया है।
