हरिद्वार में मुस्लिम परिवार की ‘घर वापसी’, गंगा तट पर सनातन धर्म अपनाया। Uttarakhand 24×7 Live news
पश्चिमी यूपी के एक मुस्लिम परिवार ने धर्मनगरी हरिद्वार में सनातन धर्म अपनाकर ‘घर वापसी’ कर ली है। नमामि गंगे घाट पर साधु-संतों की मौजूदगी में इस परिवार का शुद्धिकरण किया गया। गंगा स्नान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों ने सनातन धर्म स्वीकार किया। शहजाद अब शंकर बन गए हैं, जबकि उनकी पत्नी का नाम सावित्री रखा गया है। हालांकि, हिंदू धर्म अपनाने के बाद शंकर ने अपनी जान को खतरा भी बताया है।
हरिद्वार में नमामि गंगे घाट आज एक खास धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया जिसमे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आए शहजाद के पूरे परिवार ने इस्लाम छोड़ हिंदू धर्म अपना लिया है। संतों के सानिध्य में गंगा स्नान के बाद परिवार का शुद्धिकरण किया गया और फिर पूरे विधि-विधान के साथ हवन-यज्ञ संपन्न हुआ।शहजाद ने भगवान शिव में अपनी अटूट आस्था जताई और अपना नया नाम ‘शंकर’ रख लिया। वहीं, उनकी पत्नी अब ‘सावित्री’ के नाम से जानी जाएंगी। इस दौरान अखाड़ा परिषद के पूर्व प्रवक्ता बाबा हठयोगी और प्रबोधानंद गिरी महाराज सहित कई बड़े संतों ने परिवार को तिलक लगाकर सनातन धर्म में शामिल किया।
हिन्दू धर्म अपनाने के बाद शंकर ने कहा “मैं अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपना रहा हूँ। मेरी आस्था महादेव में है और आज मैंने घर वापसी की है। लेकिन मुझे अपने ही कुछ पुराने लोगों से जान का खतरा है, मेरी सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। इस मौके पर मौजूद संतों ने इसे धर्मांतरण के बजाय ‘घर वापसी’ करार दिया। बाबा हठयोगी का कहना है कि जो लोग भटक कर दूसरे धर्म में चले गए थे, उनका स्वागत अपनी पुरानी जड़ों में हो रहा है।सनातन धर्म सबसे प्राचीन है। इस परिवार ने सत्य को पहचाना है और आज विधि-विधान से इनकी शुद्धि की गई है।हमने गंगा तट पर हवन किया और ईश्वर से प्रार्थना की है कि इस परिवार का जीवन सुखमय हो। यह सनातन की बढ़ती शक्ति का प्रतीक है।
