उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन विपक्ष का प्रदर्शन, सदन में कई अध्यादेश और रिपोर्ट रखी गईं। Uttarakhand 24×7 Live news
गैरसैंण में चल रहे उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों के विधायकों ने विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और धरना दिया। विपक्षी विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। प्रदर्शन के बाद विपक्ष के विधायक सदन की कार्यवाही में शामिल हुए।
सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल से शुरू हुई। प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायकों ने संबंधित मंत्रियों से कई अहम मुद्दों पर सवाल पूछे। इस दौरान कई प्रश्नों पर विभागीय मंत्री संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिस पर विपक्षी विधायकों ने अपनी नाराजगी भी जताई।
प्रश्नकाल के बाद सदन में निधन पर निर्देश पढ़े गए। इस दौरान तीन दिवंगत पूर्व विधायकों स्वर्गीय बलवीर सिंह, स्वर्गीय राजेश जुवांठा और स्वर्गीय दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि दी गई। सदन में मौजूद विधायकों ने खड़े होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साथ जुड़े अपने अनुभवों को साझा करते हुए उनके योगदान को याद किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों द्वारा कई महत्वपूर्ण अध्यादेश, प्रतिवेदन और रिपोर्ट सदन के पटल पर रखे गए। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड दुकान और स्थापना (रोजगार विनियमन एवं सेवा-शर्त) संशोधन अध्यादेश 2025, उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश 2025 और उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2025 को सदन के पटल पर रखा। इसके साथ ही उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2026 भी सदन में प्रस्तुत किया गया।
सत्र के दौरान भारत के संविधान के अनुच्छेद 151(2) के अंतर्गत भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) से संबंधित कई लेखापरीक्षा प्रतिवेदन भी सदन के पटल पर रखे गए। इनमें राज्य के वित्त से जुड़े लेखापरीक्षा प्रतिवेदन, नमामि गंगे कार्यक्रम के क्रियान्वयन से जुड़ी रिपोर्ट, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और विभिन्न विभागों के वित्तीय लेखों का विवरण शामिल रहा।
इसके अलावा राज्य के वर्ष 2024-25 के वित्त लेख एवं विनियोग लेख भी सदन में प्रस्तुत किए गए। साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, देहरादून स्मार्ट सिटी मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और परिवहन कार्यालयों के क्रियाकलापों से संबंधित लेखापरीक्षा प्रतिवेदन भी पटल पर रखे गए।
मुख्यमंत्री ने आर्थिक सर्वेक्षण उत्तराखंड (वित्तीय वर्ष 2025-26) की रिपोर्ट भी सदन में प्रस्तुत की। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड पुलिस शिकायत प्राधिकरण की वार्षिक रिपोर्ट 2024, उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट 2023-24, उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 और उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की 24वीं वार्षिक रिपोर्ट (2024-25) भी सदन के पटल पर रखी गई।
वन मंत्री द्वारा उत्तराखंड वन विकास निगम के वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 के आर्थिक प्रतिवेदन भी सदन में प्रस्तुत किए गए। वहीं उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड और पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड से संबंधित वार्षिक लेखा विवरण भी पटल पर रखा गया।
सत्र के दौरान विधानसभा सचिव ने यह भी अवगत कराया कि पहले पारित कुछ विधेयकों को राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इनमें उत्तराखंड विनियोग विधेयक 2025-26, उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश श्री बद्रीनाथ तथा केदारनाथ मंदिर अधिनियम 1939) संशोधन विधेयक 2025 और उत्तराखंड लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक 2025 शामिल हैं, जिन्हें अब अधिनियम का रूप मिल गया है।
इसके साथ ही उत्तराखंड साक्षी संरक्षण (निरसन) विधेयक 2025 को भी राज्यपाल की स्वीकृति मिलने की जानकारी सदन को दी गई। बजट सत्र के दूसरे दिन इन सभी दस्तावेजों और रिपोर्टों को सदन के पटल पर रखे जाने के साथ आगे की विधायी प्रक्रिया जारी रही।
