कल्याण पत्रिका समाज के नैतिक उत्थान और राष्ट्र की वैचारिक चेतना की आधारशिला: अमित शाह। Uttarakhand 24×7 Live news
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित कल्याण जैसी पत्रिकाएँ केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि समाज के नैतिक उत्थान और राष्ट्र की वैचारिक चेतना की आधारशिला रही हैं। उन्होंने कहा कि जब देश वैचारिक संघर्षों से गुजर रहा था, तब कल्याण ने भारतीय जीवन मूल्यों, कर्तव्यबोध और आत्मगौरव को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया। यह पत्रिका पीढ़ी दर पीढ़ी भारतीय समाज को संस्कारों से जोड़ने का माध्यम बनी है।
उन्होंने यह भी कहा कि गीता प्रेस ने बिना किसी व्यावसायिक दृष्टि के, सेवा भाव से सनातन साहित्य का प्रसार किया, जो आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है। कल्याण का शताब्दी अंक इस बात का प्रमाण है कि सत्य, साधना और संस्कार पर आधारित विचारधारा कभी अप्रासंगिक नहीं होती।
इस अवसर पर उपस्थित पूज्य संतगणों ने गीता प्रेस के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कल्याण पत्रिका ने भारतीय समाज को धर्म, संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़े रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। अरोग्यांक के गुजराती संस्करण के विमोचन को उन्होंने जनस्वास्थ्य और भारतीय जीवन पद्धति के प्रचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
