विधानसभा मानसून सत्र में पास हुआ अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान विधायक 2025, विपक्ष ने उठाए सवाल। Uttarakhand 24×7 Live news

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उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र भले ही दूसरे दिन 2 घंटे 40 मिनट की कार्रवाई के बाद स्थगित हो गया लेकिन हंगामे के बीच हुई इस कार्रवाई के दौरान सरकार ने 11 अहम विधेयकों को पास कर लिया। सदन में विपक्षी विधायकों के हंगामे के बीच सबसे महत्वपूर्ण अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान विधेयक 2025 को भी सरकार ने पास करा लिया जिसके बनने के बाद प्रदेश में मदरसा शिक्षा बोर्ड की जगह एक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा जिसका लाभ मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ अन्य अल्पसंख्यक जैसे बौद्ध, ईसाई और सिख समुदाय को भी मिलेगा। सरकार की दलील है कि कांग्रेस के समय जब राज्य में मदरसा शिक्षा बोर्ड बनाया गया तो उसका एक ही मकसद था कि राज्य के मुस्लिम समुदायों को लाभ देना जबकि हमारी सरकार एक ऐसा एक्ट बना रही है जिसमें अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को शिक्षा का अधिकार मिलेगा और उनकी शिक्षा को उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद के मानव को से जोड़ा जाएगा।
मदरसा बोर्ड की जगह अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान अधिनियम बनाने को लेकर सरकार की अपनी दलील है। लेकिन विपक्ष का कहना है कि सरकार मुस्लिम समुदाय को टारगेट करने और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के वोट बैंक को साधने के लिए ऐसा काम कर रही है। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह का कहना है कि सरकार के पास ना तो करने के लिए कुछ है और ना ही बताने के लिए इसीलिए सरकार मुद्दों से भटककर अल्पसंख्यक की कल्याण की बात कर रही है। वहीं बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद ने इस विधेयक पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार अल्पसंख्यक कल्याण के नाम अल्पसंख्यक पिटाई अभियान चला रही हो और फारसी, सिक्ख, ईसाई और बौद्ध समुदाय के वोट बैंक को साध रही है। जनता के बीच यह मैसेज दे रही है कि सरकार ने मुस्लिम लोगों को पीटकर ठीक कर दिया।

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