गैरसैंण कैबिनेट: युवाओं, महिलाओं और साक्षियों के लिए बड़े फैसले। Uttarakhand 24×7 Live news
. रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु व्यापक पहल
उत्तराखण्ड सरकार महिलाओं, युवाओं और भूतपूर्व सैनिकों के लिए अलग-अलग रोजगार नीति बनाएगी। इसके तहत:
सरकारी व निजी संस्थानों में नौकरियों के अवसर बढ़ाए जाएंगे।
प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे सरकारी सेवा, NEET, नर्सिंग, विदेशी भाषाएं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की तैयारी हेतु प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
युवा महोत्सव और रोजगार मेलों का आयोजन बृहद स्तर पर होगा।
व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्कूल समन्वयित रूप से कार्य करेंगे।
स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए:
मौन पालन, एप्पल मिशन व बागवानी के क्षेत्र में हर ब्लॉक में 200 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
स्थानीय उत्पादों (फल, सब्ज़ी, दूध आदि) को बढ़ावा देने हेतु कृषि विभाग और ITBP के बीच MOU किया गया है; SSB और अन्य केंद्रीय एजेंसियों से भी MOU होंगे।
उद्योग विभाग के माध्यम से मार्केट लिंकिंग की सुविधा दी जाएगी।
भूतपूर्व सैनिकों को UPNL के माध्यम से सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा और उनकी योग्यता के अनुसार संस्थागत सेवाओं में शामिल किया जाएगा।
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2. उत्तराखण्ड अपराध से पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना, 2025
सरकार ने उत्तराखण्ड अपराध से पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना, 2025 को मंजूरी दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य:
POCSO एक्ट के तहत पीड़ित बच्चों के लिए क्षतिपूर्ति राशि सुनिश्चित करना है।
पहले की योजना में POCSO पीड़ितों के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं थे, जिससे व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ रही थीं।
संशोधित योजना में न्यूनतम व अधिकतम क्षतिपूर्ति राशि को अनुसूची-2 के तहत निर्धारित किया गया है।
पीड़ितों को समयबद्ध और प्रभावी सहायता मिले, यह सुनिश्चित किया गया है।
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3. उत्तराखण्ड साक्षी संरक्षण योजना, 2025
साक्षियों की सुरक्षा और गरिमा को सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकार ने ‘उत्तराखण्ड साक्षी संरक्षण योजना, 2025’ को मंजूरी दी है:
साक्षियों को भय, दबाव और प्रतिशोध से मुक्त वातावरण में स्वतंत्र और सत्यनिष्ठ गवाही देने हेतु सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
योजना के तहत निम्न प्रावधान किए गए हैं:
पहचान गोपनीयता
स्थान परिवर्तन
सम्पर्क विवरण में बदलाव
भौतिक सुरक्षा
आवश्यकतानुसार वित्तीय सहायता
राज्य साक्षी संरक्षण समिति का गठन किया गया है, जिसमें न्यायपालिका, पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
निर्णयों में गोपनीयता सर्वोपरि होगी।
