संविधान हत्या दिवस पर लोकतंत्र रक्षकों को सीएम धामी का नमन। Uttarakhand 24×7 Live news
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के मुख्य सेवक सदन में संवैधानिक “संविधान हत्या दिवस” (Emergency के खिलाफ़ संघर्ष की याद में) पर लोकतंत्र रक्षकों को सम्मानित करने के एक गरिमापूर्ण समारोह के मुख्य अतिथि रहे।
सम्मान समारोह की मुख्य बातें
दिनांक: 26 जून 2023 (आपातकाल लागू होने की 48वीं वर्षगांठ)
स्थान: मुख्यमंत्री आवास, मुख्य सेवक सदन, देहरादून
सम्मानित लोकतंत्र सेनानी
आपातकाल (25 जून 1975 – 21 मार्च 1977) के दौरान साहसपूर्वक संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की
सेनानियों का मासिक मानदेय ₹16,000 से बढ़ाकर ₹20,000 किया जाएगा
उनके आश्रितों को “सम्मान पेंशन” की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, शासनादेश भी जारी हो चुका है
मुख्यमंत्री का संदेश
“आपातकाल में लोकतंत्र की रक्षा करने वाले सेनानियों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता” — सीएम धामी
उन्होंने वादा किया कि आपातकाल से संबंधित सेनानियों के योगदान को दस्तावेजीकृत कर जनता तक पहुँचाया जाएगा
योजना बनाई जाएगी कि प्रदेश और जिला स्तर पर इन सेनानियों की कहानी और बलिदान को उजागर किया जाए
वरिष्ठ नेताओं की शपथ
पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने आह्वान किया कि आने वाली पीढ़ियों को इन सेनानियों के रिकॉर्ड और sacrificयों से अवगत कराया जाए
सारांश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकतंत्र सेनानियों को मुख्यमंत्री आवास में सम्मानित किया।
उनका मासिक मानदेय 20,000 रुपये किया गया और आश्रितों को पेंशन दी जाएगी।
आपातकाल का इतिहास आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की घोषणा की गई।
वरिष्ठ नेता भगत सिंह कोश्यारी ने कवायद को जिला स्तर तक बढ़ाने का सुझाव दिया।
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