स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम। Uttarakhand 24×7 Live news

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड की मिशन निदेशक स्वाति भदौरिया द्वारा आज हल्द्वानी स्थित महिला चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन 50 शैय्या युक्त मातृ एवं शिशु विंग, मोतीनगर में बन रहे 200 बैड के मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल तथा 50 शैय्या युक्त क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान मिशन निदेशक ने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं डिज़ाइन के पहलुओं का बारीकी से मूल्यांकन किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम हल्द्वानी को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप शीघ्रता से पूर्ण किए जाएं।
महिला चिकित्सालय परिसर में 50 शैय्या युक्त मातृ एवं शिशु विंग
निरीक्षण के समय मिशन निदेशक ने पेयजल निगम व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में चिकित्सकीय आवश्यकताओं का पूरी तरह ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि भवन के वार्ड, ऑपरेशन थिएटर (OT), शौचालय, विद्युत एवं जल आपूर्ति आदि सभी सुविधाएं उपयोगकर्ता के अनुकूल और सुसज्जित हों। साथ ही, तृतीय पक्ष गुणवत्ता नियंत्रण संस्था के अभियंताओं को निर्देशित किया गया कि सभी निर्माण सामग्री की परीक्षण रिपोर्ट न केवल राज्य मुख्यालय, बल्कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नैनीताल को भी समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाए।
200 बैड युक्त मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल (मोतीनगर)*

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समीक्षा करते हुए मिशन निदेशक ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को एक माह के भीतर पूर्ण कर विभाग को हस्तांतरित किया जाए, ताकि शीघ्र ही अस्पताल जनता की सेवा में लाया जा सके। उन्होंने कार्य की रफ्तार बढ़ाने के साथ ही निर्माण गुणवत्ता से कोई समझौता न करने पर बल दिया।
50 बैड युक्त क्रिटिकल केयर ब्लॉक
चिकित्सीय आपात स्थितियों और गंभीर रोगियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मिशन निदेशक ने इस परियोजना को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। कार्यदायी संस्था बिड़कुल कंस्ट्रक्शन एजेंसी को कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने हेतु विशेष निर्देश दिए गए।
इस निरीक्षण यात्रा का उद्देश्य निर्माण कार्यों की प्रगति की वस्तुनिष्ठ समीक्षा करना, गुणवत्ता सुनिश्चित करना और निर्धारित समयसीमा में स्वास्थ्य सुविधाएं जनता को उपलब्ध कराना था। यह पहल उत्तराखंड सरकार की ‘स्वस्थ उत्तराखंड, सशक्त उत्तराखंड’ की प्रतिबद्धता को और सशक्त बनाती है।

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