सड़क हादसे से खुले कई व्यवस्थाओं की पोल। Uttarakhand 24×7 Live news
अल्मोड़ा के मार्चुला में हुए सड़क हादसे में 36 लोगों की जहां जान चली गयी,वही कई व्यवस्था की पोल भी इस हादसे के बाद खुल गयी,आम लोगो की नाराजगी भी जहाँ इस दौरान देखने को मिली है,वही व्यवस्थाओं को दूरस्थ करने के निर्देश अब सरकार के द्वारा दिए जा रहे हैं। अल्मोड़ा के मार्चुला में हुए सड़क हादसे में 36 लोगो की मौत से जहां हर कोई सदमें में है, वहीं कई अव्यवस्थाओं की पोल भी इस सड़क हादसे की वजह से खुल गई है,सबसे ज्यादा नाराजगी रामनगर में अस्पताल को पीपीपीमोड पर दिए जाने को लेकर आम लोगो की देखी गयी, वहीं भाजपा विधायक दिलीप रावत के द्वारा भी इसको लेकर नाराजगी जाहिर की गई जिसके बाद अब स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि जल्द ही रामनगर का जो अस्पताल पीपीपी मोड पर दिया गया था उसे स्वास्थ्य विभाग के द्वारा संचालित किया जाएगा,आपको बता दें कि जब सड़क हादसे की घायलों को रामनगर अस्पताल में लाया गया तो कई लोगों ने जहां अस्पताल में दम तोड़ दिया था, तो वहीं अस्पताल से घायल मरीजों को रेफर किए जाने को लेकर भी आम लोगों में आक्रोश देखा गया था। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल तो जहां सड़क हादसे के बाद खुली ही,वही पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा इसी सड़क पर क्रॉस बैरियर लगाए जाने की मंजूरी के बाद भी क्रॉस बैरियर ना लगे होने के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जहां नाराजगी व्यक्त की है तो वहीं जांच के निर्देश भी मुख्यमंत्री के द्वारा दिए गए हैं,pwd सचिव पंकज पांडेय का कहना है कि 2023 में अल्मोड़ा के मार्चुला सड़क के पास क्रॉस बैरियर लगाने को स्वीकृति प्रदान कर दी गई थी,लेकिन किन कारणों से क्रॉस बैरियर नहीं लगाएंगे उसको लेकर 3 दिन के भीतर जांच विभागीय अधिकारियों से मांगी गई है। तीन दिन के बाद वह स्पष्ट बता पाएंगे कि क्या वजह रही की सड़क के किनारे क्रॉस बैरियर नहीं लगाए गए थे।
अल्मोड़ा के मार्चुला में 36 लोगों की जान जाने के बाद जहां कई व्यवस्थाओं की पोल खुल कर सामने आ रही है तो वहीं अब देखना यह होगा आखिरकार जो जिम्मेदार लोग हैं जिनकी वजह से सड़क हादसे में कई लोगों की जान चली गई तो क्या जो लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोग हैं उन पर अब सरकार की तरफ से कोई कड़ी कार्रवाई आगे और देखने को मिलती है।
