उत्तरकाशी में मस्जिद के खिलाफ जनता सड़कों पर लामबंद, मस्जिद को प्रशासन बता रहा लीगल। Uttarakhand 24×7 Live news
उत्तरकाशी में बनी मस्जिद के खिलाफ लोग सड़क पर उतरकर अपना आक्रोश को व्यक्त कर रहे हैं, लेकिन प्रशाशन इस मस्जिद को लीगल बता रहा है। अब यह मामला विवाद का विषय बनता जा रहा है।
वीओ- आपको बता दें कि हिंदूवादी संगठन के तमाम नेता और स्थानीय लोग मस्जिद को अवैध बताकर उसके खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं और जिला प्रशासन से इस पर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हिंदू धर्मगुरु स्वामी दर्शन भारती और उनकी अन्य सहयोगियों ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन देने की कोशिश की लेकिन पुलिस प्रशासन ने कलेक्ट्रेट जाने वाला रास्ता तथा मस्जिद की ओर जाने वाला रास्ते को बीच में ही बैरिकेटिंग लगाकर रोक दिया। लेकिन जनता इसी रस्ते से जाने के किए अड़ी रही रही शांतिपूर्ण तरह से प्रदर्शन कर रही थी लेकिन पुलिस ने अचानक सभी लोगों पर लाठी चार्ज किया और आशु गेस के गोले भी पुलिस द्वारा छोड़े गए जिससे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वह अवैध मस्जिद के खिलाफ ज्ञापन देना चाहते हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन प्रदर्शनकारियों को जिला कलेक्ट्रेट में नहीं जाने दे रही है। इससे लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस आंदोलन में अब सनातन धर्म के हजारों लोग सड़कों पर उतरे उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी में बनी मस्जिद ठीक कर्णावत तलहटी के नीचे और विश्वनाथ के सामने पर है और सनातनी लोगों का आरोप है कि उत्तरकाशी मे बनी मस्जिद पूर्ण रूप से अवैध है।
उत्तरकाशी के इस मामले में अब प्रशासन की ओर से अपनी सफाई भी दी जा रही है। पुलिस प्रशासन ने इस पर कहा है कि मस्जिद को लेकर पहले जिला प्रशासन की ओर से जांच की गई, जिसमें मस्जिद को वैद्य पाया गया। आईजी गढ़वाल केएस नगन्याल कहा कि मस्जिद निजी संपत्ति पर बनी है और वह काफी पुरानी है। अब सवाल यही उठ रहा है कि प्रशासन की ओर से जो सफाई दी जा रही है वह सही है या फिर जो लोग इसके खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं और मस्जिद को अवैध बता रहे हैं वह सही हैं।
