हिमालय राज्य उत्तराखंड में पहली बार और देश में ऐसे आंकड़े जारी करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बन। Uttarakhand 24×7 Live news
देहरादून हिमालय राज्य उत्तराखंड में पहली बार और देश में ऐसे आंकड़े जारी करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बन गया हैं वर्ष 2010-11 में राज्य सरकार ने राज्य के लिए ग्रीन बोनस की परिकल्पना की एवं इसके उपरान्त उत्तराखण्ड सरकार ने जीडीपी में पर्यावरण सेवाओं के मूल्य और पर्यावरण को हुए नुकसान की लागत के अंतर को जोड़कर सकल पर्यावरण उत्पाद की परिभाषा को अधिसूचित किया है। इसके अलावा उक्त दिसम्बर, 2021 की अधिसूचना में राज्य सरकार जीईपी के लिए मूल्यांकन तंत्र के व्यापक विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है और यह भी प्रतिबद्धता है कि सकल पर्यावरण उत्पाद को राज्य की जीडीपी के साथ कैसे जोड़ा जाएगा।
उत्तराखण्ड राज्य के द्वारा अधिसूचित जीईपी के आंकलन की दिशा में सकल पर्यावरण उत्पाद सूचकांक (GEP Index) का उद्घाटन आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धाम की उपस्थिति में किया गया है।
विभिन्न विकासपरक योजनाओं, औद्योगिक प्रक्रियाओं व सरकार द्वारा बनाये गये नियमों इत्यादि के अनुपालन का जो परिणाम है वह सकल रूप से हमारी local environment quality पर देखने को मिलता है। अगर हमारी local environment quality जिसमें Air, Water, Soil, Forest और भी बहुत सारे factors मौजूद हैं। अगर वह improve हो रही है तो जीईपी सूचकांक में वृद्धि देखने को मिलती है और हम कह सकते है कि हमारा सिस्टम पर्यावरण के अनुकूल है और development activities के बावजूद भी stable है और improve कर रहा है। और यदि हमारी environmental quality improve नहीं हो रही और उसमें कोई गिरावट दिखायी दे रही है या उसमें कोई हमें नकारात्मकता दिखायी दे रही है तो जीईपी सूचकांक में गिरावट देखने को मिलती है।
