सेना प्रमुख ने नागा रेजीमेंट की तीसरी बटालियन को राष्ट्रपति प्रदत्त निशान प्रदान किया। Uttarakhand 24×7 Live news
रानीखेत में सेना के ऐतिहासिक सोमनाथ मैंदान में थल सेनाध्यक्ष मनोज पांडे ने तीन नागा रेजीमेंट को राष्ट्रपति की ओर से प्रदत्त निशान प्रदान किया। इस अवसर पर थल सेनाध्यक्ष मनोज पांडे ने कहा कि यह गौरव का पल है कि वह राष्ट्रपति की ओर से प्रदत्त निशान तीन नागा रेजीमेंट को सौंप रहे हैं। उन्होंने कहा कि सैनिक के लिए कुशल प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक तकनीकी भी जरूरी है। उहोंने कहा कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में शांति व्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कुमाऊं और नागा रेजीमेंट की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकी से सेना को और कुशलता हासिल होगी। उहोंने आशा जताई कि सैनिक बेहतर प्रदर्शन कर अपनी रेजीमेंट का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि आज गौरव का क्षण है राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त ध्वज निशान तीन नागा रेजीमेंट को सौंप रहे हैं। थल सेनाध्यक्ष ने कहा कि यह रेजीमेंट साहस शौर्य और पराक्रम से भरी है। विभिन्न आपरेशनों में बेहतर कार्य किए हैं। तथा वीरता पुरस्कार प्राप्त किए है। उहोंने पूर्व सैनिकों की भी सराहना की जिहोंने रेजीमेंट को शिखर तक पहुंचाने में निष्ठा और मेहनत से कार्य किये।
प्रेसिडेंट्स कलर प्रेजेंटेशन कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे मौजूद
लेफ्टिनेंट जनरल आर पी कलिता . पूर्वी कमान के सेना कमांडर, कुमाऊं और नागा रेजीमेंट और कुमाऊं स्काउट के कर्नल, लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि , मध्य कमान के सेना कमांडर तथा सैन्य अधिकारी व पूर्व सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
