पर्वतीय क्षेत्रों में रेगुलर पुलिस ही क्राइम कंट्रोल के लिए कारगर,दिलीप रावत बीजेपी विधायक। Uttrakhand24×7livenews
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में अब रेगुलर पुलिस को लेकर लोग लामबंद होने लगे हैं। अभी इन क्षेत्रों में राजस्व पुलिस का काफी अहम रोल है। लेकिन रेगुलर पुलिस की तरह प्रशिक्षित न होने की वजह से पर्वतीय क्षेत्रों होने वाले क्राइम को कन्ट्रोल करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हाल ही में हुई अंकिता भण्डारी की हत्या मामले में भी राजस्व पुलिस में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। लेकिन राजस्व पुलिस के सुस्त रवैये के कारण मामले में देरी हुई। जिससे लोगो का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इस घटना के बाद जहां एक ओर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी के द्वारा सरकार को पत्र लिख कर राजस्व पुलिस से यह अधिकार हटा कर रेगुलर पुलिस को दिए जाने की बात कही गयी है। वहीं इस मामले के बाद अब बीजेपी विधायक दिलीप रावत ने भी सरकार से यही माँग करते हुए कहा हम इस मामले में पहले भी विधानसभा में सवाल उठा चुके हैं। राजस्व कर्मी भी यही कहते हैं कि हमारा ये अधिकार रेगुलर पुलिस को सौप दिया जाए। क्योंकि बिना हथियारों के क्राइम कन्ट्रोल करना उनके लिए भी मुश्किल काम है।
