धान की फसल कटाई प्रयोग का एडीएम ने किया निरीक्षण, 260 प्रयोगों का लक्ष्य। Uttarakhand 24×7 Live news
देहरादून में धान की वास्तविक पैदावार का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग की ओर से फसल कटाई प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 24 अक्टूबर को तहसील सदर के राजस्व ग्राम आर्केडियाग्रांट में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने फसल कटाई प्रयोग का निरीक्षण किया। इस दौरान काश्तकार रवि कुमार वर्मा के खेत में कस्तूरी बासमती धान की उपज का आकलन किया गया। 43.30 वर्गमीटर के त्रिभुजाकार प्लॉट से 17.12 किलोग्राम धान की उपज प्राप्त हुई। वहीं, मौके पर ही जीसीईएस ऐप के माध्यम से आंकड़े भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड किए गए। इसके साथ ही किसान की फार्मर रजिस्ट्री भी तैयार कराई गई और उन्हें इसके लाभों की जानकारी दी गई।
किसानों की फसलों की वास्तविक पैदावार का सटीक आकलन करने और सरकारी योजनाओं को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से देहरादून जिले में फसल कटाई प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में तहसील सदर के राजस्व ग्राम आर्केडियाग्रांट में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने धान की फसल कटाई प्रयोग का निरीक्षण किया।
फसल कटाई प्रयोग के लिए राजस्व उप निरीक्षक ने रैंडम विधि से काश्तकार रवि कुमार वर्मा के खेत का चयन किया था। खेत में कस्तूरी बासमती धान की फसल लगाई गई थी। निरीक्षण के दौरान 43.30 वर्गमीटर के त्रिभुजाकार प्लॉट में फसल की कटाई कराई गई, जिसमें कुल 17.12 किलोग्राम उपज प्राप्त हुई। इसके बाद राजस्व उप निरीक्षक ने जीसीईएस ऐप के माध्यम से मौके से ही उपज के आंकड़े भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड किए।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने किसान की फार्मर रजिस्ट्री भी सेल्फ मोड में तैयार कराई और उन्हें इससे मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी।
फसल कटाई प्रयोग के आंकड़े प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को मिलने वाले मुआवजे के निर्धारण, फसलवार उत्पादन के आकलन और कृषि संबंधी नीतियां तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर खाद्य सुरक्षा और भविष्य की कृषि योजनाओं के लिए भी जरूरी जानकारी मिलती है।
जिला स्तर पर धान की फसल के कुल 260 फसल कटाई प्रयोग निर्धारित किए गए हैं। इनमें से 130 प्रयोग चयनित राजस्व गांवों में राजस्व उप निरीक्षकों द्वारा पूरे कर भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं। आंकड़ों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जनपद और तहसील स्तर पर राजस्व, कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारी भी इन प्रयोगों का निरीक्षण कर रहे हैं।
एंकर को छोटा और प्रभावी बनाएं
दोहराव हटाकर वीओ कसावट दें
आंकड़ों की भाषा और इकाइयां स्पष्ट करें।
