नशा मुक्त समाज का संदेश लेकर गुजरात रवाना हुआ उत्तराखंड पुलिस का 12 सदस्यीय दल। Uttarakhand 24×7 Live news

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राष्ट्रीय एकता दिवस–2026 के अवसर पर युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा नशा-मुक्त समाज के निर्माण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘Fight Against Drugs’ थीम पर आयोजित राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली–2026 में प्रतिभाग करने हेतु उत्तराखण्ड पुलिस का 12 सदस्यीय दल आज गुजरात को रवाना हुआ। इस राष्ट्रीय अभियान की नोडल एजेंसी केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) है।

इस अवसर पर देहरादून में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत “मेरी शुरुआत खुद से” थीम पर एक विशाल जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था श्री वी. मुरुगेशन ने पुलिस लाइन, देहरादून में उपस्थित जनसमूह को नशा न करने तथा समाज को नशा-मुक्त बनाने की शपथ दिलाई। इसके पश्चात उन्होंने हरी झंडी (Flag Off) दिखाकर दल को रवाना किया।

पुलिस महानिदेशक महोदय ने दल के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह यात्रा न केवल राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का प्रतीक है, बल्कि देश भर में मादक पदार्थों के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाने का एक सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को यात्रा के दौरान उच्च स्तरीय अनुशासन, सड़क सुरक्षा नियमों का अनुपालन एवं राज्य पुलिस की गरिमा बनाए रखने के निर्देश दिए।

उत्तराखण्ड पुलिस का दल देहरादून से हरिद्वार होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगा, जहां 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक से उत्तरी जोन के दलों को संयुक्त रूप से रवाना किया जाएगा। विभिन्न राज्यों से होते हुए दल 31 अक्टूबर, 2026 को एकता नगर, गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह एवं परेड में प्रतिभाग करेगा।

रैली के दौरान उत्तराखण्ड पुलिस के जवान विभिन्न पड़ावों पर स्थानीय नागरिकों, छात्र-छात्राओं एवं युवाओं से संवाद स्थापित कर उन्हें नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे तथा नशा-मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेंगे।

जन-जागरूकता कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के लगभग 300 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, विभिन्न राजकीय विभागों के अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों सहित करीब 1,000 लोगों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित गोष्ठी में विशेषज्ञों ने नशे के मानसिक एवं शारीरिक दुष्प्रभावों पर अपने विचार साझा किए। डॉ. शिल्पी अरोड़ा ने नशे से होने वाले नुकसान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही, छात्र-छात्राओं के साथ संवाद एवं प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कार्यक्रम स्थल पर स्थापित ‘नशा मुक्त उत्तराखण्ड–मेरी शुरुआत खुद से’ सेल्फी पॉइंट युवाओं एवं विद्यार्थियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

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