NIM के पर्वतारोहण अभियानों की शानदार सफलता, CM धामी ने किया फ्लैग-इन। Uttarakhand 24×7 Live news

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM), उत्तरकाशी द्वारा संचालित चार सफल पर्वतारोहण अभियानों का फ्लैग-इन किया। इनमें जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स (JIM&WS), पहलगाम के साथ संयुक्त रूप से संचालित माउंट एकांकागुआ अभियान भी शामिल था।

मुख्यमंत्री ने सभी पर्वतारोहियों को सफल अभियानों के लिए बधाई देते हुए चुनौतीपूर्ण उच्च पर्वतीय परिस्थितियों में उनके साहस, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और टीम भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहियों की ये उपलब्धियां उत्तराखण्ड के साथ ही देश के युवाओं को साहसिक गतिविधियों के प्रति प्रेरित करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान ने पर्वतारोहण, साहसिक खेलों, युवा विकास और उच्च हिमालयी प्रशिक्षण के क्षेत्र में देश और प्रदेश में महत्वपूर्ण पहचान बनाई है। संस्थान द्वारा युवाओं को पर्वतारोहण एवं साहसिक गतिविधियों के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ उनमें साहस, नेतृत्व, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता भी विकसित की जा रही है।

माउंट एकांकागुआ (6,961 मीटर), अर्जेंटीना के लिए NIM और JIM&WS के संयुक्त अभियान का नेतृत्व कर्नल हेम चंद्र सिंह ने किया। छह सदस्यीय अभियान दल ने 22 फरवरी 2026 को माउंट एकांकागुआ के शिखर पर सफल आरोहण किया। इस संयुक्त अभियान को रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक से फ्लैग ऑफ किया था।

नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के नुन-कुन अभियान-2026 का नेतृत्व संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल एस.एस. राजपुरोहित ने किया। अभियान दल ने 15 अगस्त 2026 को माउंट कुन की 7,077 मीटर ऊंची चोटी पर सफल आरोहण किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हासिल की गई यह उपलब्धि अभियान दल के लिए विशेष रही। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए दल ने 26 अगस्त 2026 को माउंट डेल्टा-41 की 5,908 मीटर ऊंची चोटी तथा 31 अगस्त 2026 को माउंट नुन की 7,135 मीटर ऊंची चोटी पर भी सफल आरोहण किया। इस प्रकार अभियान दल ने एक ही अभियान के दौरान नुन-कुन पर्वत श्रृंखला की तीन चोटियों पर सफल आरोहण की उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।

मुख्यमंत्री ने सभी अभियान सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां पर्वतारोहण और साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं प्रदान करती हैं। पर्वतारोहियों की ऐसी उपलब्धियां युवाओं को साहसिक खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करने के साथ ही उत्तराखण्ड की पहचान को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करती हैं।

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