धराली आपदा के एक साल: मलबे से उभरी नई उम्मीद, पुनर्निर्माण की बनी मिसाल। Uttarakhand 24×7 Live news
उत्तरकाशी जिले के धराली में 5 अगस्त 2025 को आई आपदा को अब एक साल हो गए। एक साल पहले धराली की तस्वीरों ने देश को रुलाया था और आज वही धराली साहस और पुनर्निर्माण की मिसाल बन रही है। मलबे से रास्ते निकले और उजड़े बाग फिर हरे हुए। इतना ही नहीं जिंदगी ने फिर अपनी रफ्तार पकड़ी और तेजी से आगे बढ़ रही है। एक साल पहले उस एक पल में घर, दुकानें, बाग-बगीचे और उम्मीदें अब मलबे में तब्दीलहो गए। चारों तरफ सिर्फ मलबा और सन्नाटा था और
आज तस्वीर बदल चुकी है। धराली, हर्षिल, भटवाड़ी सब फिर आबाद हो रहे हैं।
सड़कें खुलीं, बिजली-पानी आया, खेतों में फिर फसल लहरा रही है। इस पुनर्निर्माण के पीछे है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिन्होंने पहले दिन से ही मोर्चा संभाला। पिछले 1 साल में भागीरथी घाटी में ₹33 करोड़ से ज्यादा खर्च हुए। ₹16 करोड़ विकास और पुनर्वास पर और ₹17 करोड़ से ज्यादा सीधे प्रभावित परिवारों की मदद में खर्च हुए हैं। सरकार ने आजीविका भी लौटाई और उजड़े बागों के लिए मुआवजा, किसानों को बीज और पौधे, पशुपालन को बढ़ावा देकर सिंचाई, पेयजल, बिजली लाइनें दुरुस्त किया। साथ में बाढ़ सुरक्षा के पुख्ता काम भी किए ताकि भविष्य सुरक्षित हो
पर्यटन फिर पटरी पर आए और लोगों को रोजगार भी मिले।
