रोपवे कनेक्टिविटी को रफ्तार, धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक आसान होगी पहुंच। Uttarakhand 24×7 Live news

0
IMG-20260919-WA0027.jpg

उत्तराखंड में धार्मिक और पर्यटन स्थलों को रोपवे कनेक्टिविटी से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य में करीब 160 किलोमीटर लंबाई की 51 रोपवे परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं।

उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रोपवे को सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्प के तौर पर विकसित किया जा रहा है। सरकार ने कार्यदायी संस्थाओं को आगामी 9 नवंबर तक परियोजनाओं के काम धरातल पर शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

रोपवे परियोजनाओं में सोनप्रयाग-केदारनाथ, गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब, रानीबाग-हनुमानगढ़ी-कैंची धाम, कनकचौरी-कार्तिक स्वामी, जोशीमठ-औली-गोरसों और रैथल-दयारा बुग्याल को प्राथमिकता में रखा गया है।

देहरादून से मसूरी के बीच करीब 5.2 किलोमीटर लंबे पुरुकुल-लाइब्रेरी रोपवे का काम भी प्रगति पर है। इसके बनने से देहरादून-मसूरी का सफर करीब 15 से 20 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है।

इसके अलावा जानकी चट्टी-यमुनोत्री और ठुलीगाड़-पूर्णागिरि रोपवे जैसी परियोजनाओं से श्रद्धालुओं को कठिन पहाड़ी मार्गों से राहत मिलने की उम्मीद है। ऋषिकेश-नीलकंठ और हरिद्वार के रोपवे प्रोजेक्ट पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है।

सरकार का कहना है कि रोपवे कनेक्टिविटी से धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी, सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed