एमडीडीए सख्त, बिना नक्शा स्वीकृति वाले निर्माणों पर कार्रवाई तेज। Uttarakhand 24×7 Live news
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण एमडीडीए ने अवैध निर्माणों और मानचित्र स्वीकृति के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार को व्यापक कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे एक बड़े निर्माण को सील किया, जबकि देहरादून के राजपुर, जाखन, पुरकुल, डीआईटी मालसी समेत विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर नियमों के उल्लंघन पर कड़ी चेतावनी दी। यह कार्रवाई उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशों पर की गई। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के अधिकारियों को सख्त निर्देश हैं कि विकास क्षेत्र में अनियोजित और अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाये।
ऋषिकेश में बिना स्वीकृति बन रही इमारत सील।
एमडीडीए के अभियान के दौरान ऋषिकेश क्षेत्र में निर्मल ब्लॉक-बी, निकट द गंगाज में भवन स्वामी जखमोलो द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे बड़े अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य प्राधिकरण की अनुमति के बिना किया जा रहा था। नियमों के स्पष्ट उल्लंघन को देखते हुए एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को सील कर दिया। सीलिंग की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार संपन्न कराई गई ताकि भविष्य में किसी प्रकार का अवैध निर्माण आगे न बढ़ सके। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौजूद रहा।
राजपुर, जाखन, पुरकुल और मालसी क्षेत्रों में चला निरीक्षण अभियान।
एमडीडीए ने केवल सीलिंग तक ही अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि देहरादून के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में भी विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशों पर संयुक्त सचिव गौरव चटवाल ने राजपुर, जाखन, पुरकुल, डीआईटी मालसी तथा आसपास के क्षेत्रों में निर्माणाधीन भवनों का स्थलीय निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान विभिन्न निर्माण स्थलों पर जाकर स्वीकृत मानचित्रों और वास्तविक निर्माण कार्यों का मिलान किया गया। कई स्थानों पर निर्माणकर्ताओं को दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, जबकि स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण कार्य पाए जाने पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल ने कहा जिन निर्माणों के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई है अथवा स्वीकृत नक्शे से हटकर निर्माण किया जा रहा है, उनके विरुद्ध उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे अभियान में क्षेत्रीय अवर अभियंता सचिन तोमर, सिद्धार्थ सेमवाल, विदिता कुमारी व पवन भट्ट तथा सुपरवाइजर के साथ संबंधित अन्य कर्मचारीशामिल रहे।
अवैध निर्माणों पर लगातार जारी रहेगा अभियान
प्राधिकरण का उद्देश्य सुनियोजित शहरी विकास सुनिश्चित करना तथा नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण गतिविधियों को नियमानुसार संचालित करना है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों, बिना स्वीकृति के भवन निर्माण और मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां आवश्य ले- बंशीधर तिवारी।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि लगातार निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान चलाकर ऐसे निर्माणों की पहचान की जा रही है जो बिना मानचित्र स्वीकृति अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश में की गई सीलिंग कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि सभी भवन स्वामियों और निर्माणकर्ताओं को नियमों का पालन करना चाहिए तथा निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाए, वहां तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
निर्माण गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है- मोहन सिंह बर्निया।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने देहरादून के नागरिकों से अपील की कि भवन निर्माण से पूर्व सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही निर्माण कार्य कराएं। इससे अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकेगा तथा क्षेत्र का नियोजित विकास सुनिश्चित होगा।
