देहरादून में मानसून तैयारियां तेज, प्रमुख सचिव ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा। Uttarakhand 24×7 Live news
मानसून से पहले देहरादून प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। प्रमुख सचिव एवं जनपद प्रभारी डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने जिला कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव तैयारियों तथा विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण कर ली जाएं।
बैठक में जलभराव, भूस्खलन, बाढ़ सुरक्षा, नदी-नालों की सफाई, सड़क संपर्क मार्गों की स्थिति और संवेदनशील क्षेत्रों में किए गए सुरक्षा उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रमुख सचिव ने स्पष्ट कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि जनपद में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए 39 डी-वॉटरिंग पंप तैनात किए गए हैं। इसके अलावा कुल 169 नालों में से 153 की सफाई पूरी कर ली गई है, जबकि शेष नालों की सफाई का कार्य भी तेजी से जारी है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
प्रमुख सचिव ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, क्लाउड बर्स्ट जोन, नदी किनारे बसे गांवों और जलभराव वाले इलाकों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में पूर्व चेतावनी प्रणाली को प्रभावी बनाया जाए तथा स्थानीय लोगों को संभावित खतरों के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही राहत एवं बचाव दलों, मशीनरी और आवश्यक संसाधनों को रणनीतिक स्थानों पर उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वार रूम और कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहें और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग, सिंचाई, लोक निर्माण, विद्युत, स्वास्थ्य, पुलिस और राजस्व विभाग सहित सभी संबंधित एजेंसियां निरंतर समन्वय बनाए रखें ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके।
समीक्षा बैठक के बाद प्रमुख सचिव ने कार्लीगाड-मझाड़ा पुनर्वास परियोजना क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने पुनर्वास कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
प्रशासन का कहना है कि मानसून के मद्देनजर सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और किसी भी आपदा स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी की जा रही हैं, ताकि जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
