यूएसडीएमए में गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप का अभिनंदन, आपदा प्रबंधन में योगदान की सराहना। Uttarakhand 24×7 Live news

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देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यूएसडीएमए में शुक्रवार को गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप का अभिनंदन किया गया। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में स्वरूप द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों तथा उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।
इस अवसर पर सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, विनोद कुमार सुमन ने कहा कि आनंद स्वरूप ने यूएसडीएमए में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन तथा विश्व बैंक सहायतित यू-प्रिपेयर परियोजना के परियोजना निदेशक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने कहा कि स्वरूप सदैव इस बात के पक्षधर रहे कि आपदा प्रबंधन केवल राहत एवं बचाव तक सीमित न रहकर जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, क्षमता विकास तथा तकनीकी नवाचारों पर आधारित होना चाहिए।
सुमन ने कहा कि आनंद स्वरूप ने तकनीक आधारित आपदा प्रबंधन को विशेष प्राथमिकता दी। उन्होंने नवीन तकनीकों, डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रारम्भिक चेतावनी प्रणालियों, डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया तथा आधुनिक संचार प्रणालियों के उपयोग को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने में भी स्वरूप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि आनंद स्वरूप ने सदैव टीम वर्क, नवाचार एवं अच्छी कार्य संस्कृति को बढ़ावा दिया। उन्होंने कर्मचारियों के कल्याण, क्षमता विकास तथा कार्यस्थल पर सकारात्मक वातावरण निर्माण के लिए अनेक पहलें कीं तथा कर्मचारियों की सभी समस्याओं का तत्परता से समाधान किया।
अपने संबोधन में श्री आनंद स्वरूप ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में कर्तव्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी की वास्तविक पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसके कार्यों एवं जनता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता से होती है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन ऐसा क्षेत्र है जिसमें प्रत्येक निर्णय सीधे लोगों के जीवन, सुरक्षा एवं आजीविका से जुड़ा होता है, इसलिए इसमें संवेदनशीलता, तत्परता एवं समर्पण का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तराखण्ड जैसे आपदा संवेदनशील राज्य में कार्य करने का अवसर मिला, जहां उन्होंने विभिन्न आपदाओं, चुनौतियों तथा परिस्थितियों से बहुत कुछ सीखा। इसका लाभ उन्हें गढ़वाल कमिश्नर रहते हुए मिलेगा। इस

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