देवभूमि परिवार बिल,योजनाओं का लाभ अब एक ही डेटाबेस से। Uttarakhand 24×7 Live news
उत्तराखंड सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए “देवभूमि परिवार विधेयक–2026” सदन में प्रस्तुत किया है।
इस विधेयक के लागू होने पर राज्य में एक एकीकृत और सत्यापित परिवार आधारित डेटाबेस – देवभूमि परिवार बनाया जाएगा।
इस डेटाबेस में परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला को परिवार का मुखिया माना जाएगा और उसी के नाम से परिवार आईडी दर्ज होगी।
अभी तक अलग-अलग विभाग अपनी योजनाओं के लिए अलग-अलग लाभार्थी डेटाबेस का उपयोग करते हैं, जिससे डेटा दोहराव, सत्यापन की जटिलता और विभागों के बीच समन्वय की कमी जैसी समस्याएँ सामने आती हैं।
देवभूमि परिवार प्रणाली के माध्यम से सभी विभागों का लाभार्थी डेटा एक ही मंच पर उपलब्ध होगा, जो एक विश्वसनीय “सिंगल सोर्स ऑफ ट्रुथ” के रूप में काम करेगा। इससे योजनाओं का बेहतर लक्षित वितरण और जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुँचाना आसान होगा।
इसके प्रबंधन और सुरक्षा के लिए एक संस्थागत तंत्र बनाया जाएगा तथा विभागों के बीच सुरक्षित डेटा आदान-प्रदान प्रणाली विकसित की जाएगी।
यह पूरी व्यवस्था डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के अनुसार संचालित होगी, ताकि नागरिकों के डेटा की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, यह विधेयक सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और राज्य के नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुँच सकेगा।
