काली कुमाऊँ होली महोत्सव का भव्य शुभारंभ,सीएम धामी ने वर्चुअल किया उद्घाटन। Uttarakhand 24×7 Live news
काली कुमाऊँ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक लोक कला के संरक्षण के उद्देश्य से जनपद की कलश कला समिति द्वारा आयोजित होली महोत्सव में मंगलवार को भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव का विधिवत उद्घाटन प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया।
जनपद मुख्यालय स्थित दीवान सिंह लड़वाल स्टेडियम में दीप प्रज्वलन के साथ 02 दिवसीय उत्सव की औपचारिक शुरुआत हुई। उद्घाटन अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अपने संबोधन के दौरान माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि खड़ी होली उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परम्परा का अभिन्न अंग है। यह महोत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कुमाऊँ क्षेत्र की होली अनूठी है, खड़ी होली तथा बैठकी होली के आयोजन से उन्हें अपने बचपन की याद आती है।
साथ ही उन्होंने कहा कि जनपद चम्पावत को आदर्श एवं श्रेष्ठ जिला बनाने के उद्देश्य से विभिन्न विकासपरक परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि जनपद में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, साइंस सेन्टर, सड़क निर्माण, आईएसबीटी निर्माण, शारदा रिवर फ्रंट डेवेलपमेंट, गोल्ज्यू कॉरिडोर समेत विभिन्न विकास कार्य प्रगति पर है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा जनपद में किये जा रहे विभिन्न नवाचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गत वर्षों में जनपद में रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियों का विस्तार हुआ है, जिससे पर्यटन को नई गति मिली है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं। साथ ही महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ केंद्रों के विस्तार से महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिली है और आत्मनिर्भरता की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने आयोजन की सफलता पर समिति को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध परम्पराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं से विशेष आह्वान किया कि वे अपनी लोकसंस्कृति और परम्पराओं से जुड़े रहें तथा आधुनिकता के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाए रखें।
इस दौरान जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों द्वारा भी प्रतिभागी दलों के साथ पारंपरिक होली गायन में प्रतिभाग किया गया।
