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एसडीसी फाउंडेशन ने उत्तराखंड मे आगामी विधान सभा चुनाव के तहत ‘उत्तराखंड अर्बन एजेंडा-2022‘ पर जारी की पहली फैक्टशीट
सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज और गार्बेज फ्री सिटी रेटिंग में उत्तराखंड का कमज़ोर प्रदर्शन, सुधार की है बहुत बड़ी जरूरत
आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ( MoHUA) द्वारा हाल मे राष्ट्रीय स्तर पर करवाई गई स्वच्छता से संबंधित दो प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का प्रदर्शन कमज़ोर रहा है । इन प्रतियोगिताओं में ‘सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज 2021‘ और ‘गारबेज फ्री सिटी‘ रेटिंग शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं और रेटिंग का संदर्भ लेकर एसडीसी फाउंडेशन ने उत्तराखंड मे आगामी विधान सभा चुनाव के तहत ‘उत्तराखंड अर्बन एजेंडा-2022‘ की पहली फैक्टशीट जारी की है।
एसडीसी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल के अनुसार उनके फाउंडेशन ने हाल में उत्तराखंड अर्बन एजेंडा-2022 अभियान शुरू करने की जानकारी दी थी। इस अभियान के तहत राज्य में विभिन्न शहरी मुद्दों को लेकर अलग-अलग फैक्टशीट जारी की जाएंगी। तथ्यों और आंकड़ों पर आधारित ये फैक्टशीट विभिन्न राजनीतिक दलों को भेजी जाएंगी ताकि वे सतत शहरीकरण के इन प्रमुख मुद्दों को अपने मेनिफेस्टो में उचित स्थान दे सकें।
अनूप नौटियाल ने बताया कि पहली फैक्टशीट स्वच्छता को लेकर की गई राष्ट्रीय स्तर की दो प्रतियोगिताओं केे आंकड़ों पर आधारित है। पहली प्रतियोगिता केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा पिछले वर्ष 19 नवंबर को विश्व शौचालय दिवस के मौके पर लॉन्च की गई थी। ‘सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज -2021 ‘ नामक यह चैलेंज सीवर और सैफ्टी टैंक की सफाई जैसे खतरनाक काम करने वाले सफाई कर्मचारियों के सुरक्षा के लिए किये गये प्रयासों पर आधारित थी। इस चैलेंज में 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों में देशभर के 72 शहर शामिल किये गये। उत्तराखंड का एकमात्र शहर देहरादून इसमें शामिल किया गया था। 3 लाख से कम आबादी वाले 82 शहरोें मे उत्तराखंड के 6 शहर शामिल किये गये थे।
उत्तराखंड का प्रदर्शन
एसडीसी फाउंडेशन की फैक्टशीट बताती है कि सफाई मित्र चैलेंज मे उत्तराखंड को 20 राज्यों मे 14वाँ रैंक मिला है।
3 से 10 लाख आबादी वाले 72 शहरों में देहरादून को 52वां स्थान मिला, जो कि औसत से बहुत निचे है ।
3 लाख से कम आबादी वाले 82 शहरों मेें रुड़की को 33वां, रुद्रपुर को 40 वां, ऋषिकेश को 47वां, कोटद्वार को 73वां, हल्द्वानी को 77वां और हरिद्वार को 79वां स्थान मिला। यानी 3 लाख से कम आबादी वाले सबसे खराब प्रदर्शन वाले 10 शहरों की सूची में 3 शहर उत्तराखंड के शामिल हैं।
इसी तरह गारबेज फ्री सिटी रेटिंग में विभिन्न पैरामीटर्स के आधार पर शहरों को 5 स्टार, 3 स्टार और 1 स्टार रेटिंग दी गई। उत्तराखंड का कोई भी शहर देश के 152 शहरों मे 5 स्टार और 3 स्टार रेटिंग पाने में सफल नहीं हुआ। 92 शहरी निकाय होने के बावज़ूद उत्तराखंड के केवल तीन शहर देहरादून, रुड़की और मुनि की रेती 1 स्टार रेटिंग हासिल कर पाये।
लगातार प्रयास की जरूरत
अनूप नौटियाल ने अनुसार दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर की स्वच्छता प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड के शहरों की बेहद कमजोर रैंकिंग और रेटिंग चिन्ताजनक है। इसमें लगातार प्रयास करने की जरूरत है। कई स्तरों में सुधार करके ही स्वच्छता के पैरामीटर्स में हम अपना प्रदर्शन सुधार पाएंगे और इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और स्वच्छता पर व्यापक और निरंतर नियोजन होना जरूरी है।
अनूप नौटियाल ने उम्मीद जताई कि राजनीतिक पार्टियां इस फैक्टशीट पर ध्यान देंगे और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता को अपने मेनिफेस्टो में जगह देंगे, ताकि आने वाले समय में हम देवभूमि को उसके नाम के अनुरूप स्वच्छ और सुन्दर बनाने में सफल हो सकें।

